बिहार के 43वें राज्यपाल बनें हसनैन, जस्टिस संगम साहू ने दिलाई

Bihar: लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने आज बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है. पटना के लोक भवन में आयोजित समारोह में पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के दौरान मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत उनके कई मंत्रिमंडल वहां मौजूद रहे.  

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने लोक भवन में आयोजित एक समारोह में हसनैन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. हसनैन ने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है. बता दें कि सेना से रिटायर हो चुके सैयद अता हसनैन की नियुक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में की थी और उन्होंने बिहार के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह ली है. राजनीति के जानकारों की नजर में यह बदलाव बिहार की सियासत और प्रशासन में नई उम्मीद जगाता है.

श्रीनगर स्थित चिनार कोर के पूर्व कामांडिंग इन चीफ भी रह चुके है जनरल सैयद

लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेने की श्रीनगर स्थित चिनार कोर के पूर्व कामांडिंग इन चीफ भी रह चुके हैं. वे कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति थे. उन्होंने सेने में रहते हुए भी कई सामाजिक अभियान चलाए, जिसमें उन्होंने युवाओं के शिक्षा, रोजगार और खेल को लेकर कई कार्यक्रमों को चलाया ताकि वे एक अच्छा नागरिक बनने के लिए लोगों को प्रेरित करें. रिटायर्मेंट के बाद भी वे अपने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए कई अभियान चलाए. जिसमें कश्मीर के युवाओं को मुख्य रूप से जोड़ने की कोशिश की.

जनरल सैयद अता हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी

सेना में हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी, जो वरिष्ठ स्तर के कार्मिक प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण पद है. इससे पहले, उन्होंने जम्मू कश्मीर में सेना की 15 कोर की कमान संभाली थी. सेवानिवृत्ति के बाद भी हसनैन राष्ट्रीय और शैक्षणिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे. उन्हें 2018 में केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया गया था. वह 2020 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य के रूप में शामिल हुए थे.

इसे भी पढ़ें:-उत्तराखंड में 1.11 लाख करोड़ का बजट पास, बुनियादी ढांचे-पर्यटन, रोजगार और समाज कल्याण पर जोर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *