Uttarakhand: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में चल रहा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार देर रात एक ऐतिहासिक मोड़ पर संपन्न हुआ। सदन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रस्तुत 1.11 हजार करोड़ के विनियोग विधेयक 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अगले वित्तीय वर्ष के लिए विकास कार्यों का खाका तैयार हो गया है। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
सीएम धामी ने बतौर वित्त मंत्री पेश किया बजट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सत्र के पहले दिन यह बजट सदन में पेश किया था. खास बात यह रही कि उन्होंने पहली बार वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट प्रस्तुत किया. वित्तीय वर्ष 2026–27 का यह बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष की तुलना में 10.41 प्रतिशत बड़ा है.
सरकार के अनुमान के मुताबिक आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य को कुल 1,11,703.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा. इसमें 67,525.77 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियों से और 42,617.35 करोड़ रुपये पूंजीगत प्राप्तियों से आने का अनुमान है. सरकार ने इस बजट को कर मुक्त बजट बताया है और इसमें राजस्व घाटे का कोई अनुमान नहीं लगाया गया है.
पर्यटन, निवेश और रोज़गार पर ज़ोर
इस बजट में 12,579.70 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया गया है. सरकार का कहना है कि इस बजट के जरिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाएगा, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी.
पांच दिनों तक चले इस बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न विषयों पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. अंततः बजट पारित होने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
इसे भी पढ़ें:-असम-बंगाल को पीएम मोदी देंगे विकास की बड़ी सौगात, आज 42 हजार करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास