Navratri Puja Vidhi: नवरात्रि में घर पर मां दुर्गा की चौकी सजाकर नौ दिन पूजा करने की परंपरा है। भक्त इन दिनों माता रानी को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ, भोग और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि घर में माता की चौकी किस दिशा में रखनी चाहिए और अखंड दीपक किस तरफ जलाना चाहिए। आइए ज्योतिष और वास्तु के अनुसार जानते हैं सही नियम। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक वास्तु शास्त्र में हर दिशा का अलग महत्व बताया गया है। घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए पूजा स्थान की दिशा का सही होना बहुत जरूरी है।
मां दुर्गा की चौकी की सही दिशा
वास्तु के अनुसार नवरात्रि में माता की चौकी के लिए घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे उत्तम माना जाता है। सबसे पहले ईशान कोण की जगह को अच्छे से साफ-सुथरा कर लें और गंगाजल का छिड़काव करें।लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का नया वस्त्र बिछाएं।उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और चुनरी, फूल-माला अर्पित करें।चौकी को सजाने के लिए आम और अशोक के पत्तों की बंदनवार लगाना बहुत शुभ माना जाता है।
दीपक किस दिशा में जलाएं
पूजा में दीपक की दिशा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।अखंड ज्योत या घी का दीपक हमेशा माता की मूर्ति के सामने रखें।वास्तु अनुसार दीपक का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।मान्यता है कि पूर्व दिशा में घी का दीपक जलाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
भोग और पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
भक्त अपनी श्रद्धा से माता को कई तरह के भोग लगाते हैं, लेकिन कुछ गलतियों से बचना चाहिए।माता की पूजा में तुलसी दल और केतकी के फूल का प्रयोग न करें।बासी, मुरझाए हुए फूल, टूटे हुए चावल (अक्षत) और बासी भोग माता को न चढ़ाएं।हमेशा ताजे फूल, साबुत अक्षत और सात्विक भोग ही अर्पित करें।
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