Ganesh ji ki Aarti: गणेश जन्मोत्सव को पूरे भारत में बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. गणेश उत्सव पर्व का जश्न पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पूजा करने के बाद आरती करने से घर में शांति, सकारात्मकता और हर कार्य में सफलता मिलती है. साथ ही, परिवार के सदस्यों के सभी विघ्न गणेश जी दूर कर देते हैं. प्रथम पूजनीय और विघ्नहर्ता गणेश जी की आरती किए बिना उनकी पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है. ऐसे में आइए पढ़ते हैं कि गणेश चतुर्थी पर कौन सी आरती करनी चाहिए.
गणेश जी की आरती (Ganesh ji ki Aarti)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय
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