Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी मुक्ति

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कालसर्प दोष वाले जातक को गृह कलेश, सेहत, संतान, रोजगार और वैवाहिक समस्या जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से कुंडली में बताए जाने वाले कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की भी मान्यता है. आइए जानते हैं नाग पंचमी पर किए जाने वाले 5 आसान उपाय.

क्या होता है कालसर्प दोष?

बता दें कि हमारी कुंडली में मौजूद राहु और केतु के चलते कालसर्प दोष होता है. मूलतः सूर्य, चंद्र और गुरु के साथ राहु के होने की स्थिति में कालसर्प दोष होता है.

Nag Panchami 2026 पर करें ये उपाय

  • अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है तो वह नागपंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर गोबर, गेरू या मिट्टी से सांप की आकृति बनाएं और इसकी विधि-विधान से पूजा करें. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से कालसर्प दोष के वजह से होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
  • अगर किसी जातक के कुंडली में कालसर्प दोष है जिसके चलते किसी भी कार्य में बार-बार परेशानी आ रही है, वे नाग पंचमी के दिन इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें.-‘नागेन्द्रहाराय ओम नम: शिवाय’ ‘ओम नागदेवतायै नम:’ या नाग पंचमी मंत्र ‘ओम नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात्.’
  • नाग पंचमी के दिन माथे पर चंदन का तिलक लगाना भी शुभ माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यदि नाग पंचमी से लगातार 41 दिनों तक चंदन का तिलक लगाया जाए तो इससे नकारात्मकता कम करने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है. यह एक सरल उपाय है, जिसे आसानी से किया जा सकता है.
  • अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसे जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ता है. इससे मुक्ति पाने के लिए नागपंचमी के दिन श्री सर्प सूक्त का पाठ करें. इसके साथ ही इस दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा करें. ऐसा करने से कुंडली से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है. इससे कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है और जातक की मनचाही मुराद पूरी होती है
  • नाग पंचमी पर पीपल के पेड़ की पूजा से जुड़ा उपाय भी किया जाता है. इसके लिए पेड़ के नीचे साफ स्थान पर कच्चा दूध अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं. इसके बाद आटा, घी और गुड़ से तैयार छोटे लड्डू अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता के अनुसार, यह उपाय कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक हो सकता है.

इसे भी पढ़ें:-राम नाम का जप करने से जीवन में प्राप्त होती है प्रभु की कृपा: दिव्य मोरारी बापू 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *