Assam: पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. कई जगहों पर भूस्खलन की भी खबरें हैं. असम में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बह गया. कई इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव मदद करने की बात कही.
सीएम ने गृहमंत्री से की बात
हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं माननीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन कॉल करने और धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैंने उन्हें यहां चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास के उपायों के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने हमें इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिया है.”
धेमाजी में बाढ़ की स्थिति पर सरकार की नजर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए सभी संसाधन जुटा रही है. इस बीच, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने बताया कि भारी कटाव से एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हुआ है. इसके कारण आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल परिचालन अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है.
राहत के संसाधन जुटा रही सरकार
हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से मैं लगातार हालात पर नजर रखे हुए हूं. इस आपदा से लोगों के जीवन पर पड़े असर से हमें गहरा दुख है और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं.” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित सभी परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधन जुटा रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को धेमाजी में रहकर पूरे राहत कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा, ”हम बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.”
इसे भी पढ़ें:-भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज कब से होगी शुरू, जानें 5 मैचों का पूरा शेड्यूल