Kanpur: शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए 5 आरोपी कानपुर के ही रहने वाले हैं, जबकि एक कन्नौज का है. इनके खिलाफ कई राज्यों में मुकदमे दर्जा हैं. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और प्रतिबिंब पोर्टल के इनपुट्स के आधार पर शिवराजपुर क्षेत्र के पास विकसित हुए साइबर हॉटस्पॉट पर कार्रवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लगभग 450 म्यूल अकाउंट की जानकारी मिली है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल देशभर में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी जांच एजेंसियों और अन्य साइबर ठगी के मामलों में किया जा रहा था. अनुमान है कि गिरोह अब तक करीब 2000 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है.
इस लेनदेन के लिए गिरोह ने पिछले 3 वर्षों में लगभग 450 फर्जी और किराए के बैंक खातों का उपयोग किया. ये खाते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जनधन खाता बताने और फिक्स अमाउंट 5,000 से 10,000 रुपये प्रति खाता देने का लालच देकर खुलवाए गए थे. जांच में शुभांशी नाम की एक ग्रामीण महिला के जनसेवा केंद्र के खाते से अकेले 10 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन सामने आया है
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक और 12 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं. साथ ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाए गए खातों की भी जांच की जा रही है.
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