Asansol Durga Temple: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के साथ ही वहां की फिजा भी बदलने लगी है. आसनसोल में वर्षों से बंद पड़ा ‘श्री-श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट’ के मंदिर के दरवाजे आम श्रद्धालुओं के लिए हमेशा के लिए खोल दिए गए. दरअसल यह मंदिर साल में एक-दो दिन के लिए खुलता था, उसके लिए भी भारी सुरक्षा बल तैनात होता था. मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई और लोग पूजा करने के लिए उमड़ पड़े.
दशकों का इंतजार हुआ खत्म
नियम के मुताबिक, केवल साल में दो बार दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा, के दौरान ही मंदिर के पट खोले जाते थे. बाकी के दिन भक्तों को बाहर से ही मत्था टेक कर वापस लौटना पड़ता था. स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि मंदिर को नियमित रूप से खोला जाए, लेकिन प्रशासन और विवादों की जटिलता के कारण उनकी आवाज अनसुनी कर दी गई थी.
मंदिर खोलने का बीजेपी ने किया था वादा
इस बार के विधानसभा चुनाव में आसनसोल उत्तर से भाजपा ने कृष्णेंदु मुखर्जी को टिकट दिया. कृष्णेंदु मुखर्जी ने इलाके के लोगों से वादा किया कि अगर वो जीतते हैं तो यह मंदिर खुलवा देंगे. 4 मई को जैसे ही कृष्णेंदु मुखर्जी को जीत मिली वो मंदिर खुलवाने पहुंच गए. मंदिर की साफ सफाई करवाई गई, फिर आम लोगों के लिए मंदिर को खोल दिया गया. जैसे ही मंदिर के दरवाजे खुले, बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे, पूजा-अर्चना की और इस मौके का जश्न मनाया.
धार्मिक के साथ आर्थिक उम्मीदें भी जगीं
मंदिर के नियमित रूप से खुलने से न केवल इलाके का धार्मिक माहौल बदला है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक प्रभाव भी देखे जा रहे हैं. स्थानीय जानकारों का मानना है कि मंदिर में रोजाना भक्तों की भीड़ बढ़ने से आसपास के फूल-माला विक्रेताओं, फल दुकानों और छोटे कारोबारियों की आय में इजाफा होगा. सालभर मंदिर खुले रहने से दूसरे इलाकों के लोग भी दर्शन के लिए आएंगे, जिससे बस्तिन बाजार की रौनक बढ़ेगी.
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