Union Budget 2026: संसद का बजट सत्र आज, 28 जनवरी से शुरू हो गया है, जो दो चरणों में आयोजित होगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा. सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन करने से हुई है. इसके बाद 1 फरवरी को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री देश का आम बजट पेश करेंगी. इस दौरान सरकार की ओर से कई अहम विधेयक लाए जाने की संभावना है, जिन पर संसद में विस्तृत चर्चा हो सकती है, जबकि विपक्ष विभिन्न आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
2026 के साथ भारत सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है- राष्ट्रपति मुर्मू
संसद के बजट सत्र में संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत ने इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर लिया है. उन्होंने कहा कि इस सदी के पहले 25 वर्ष भारत के लिए कई सफलताओं, गौरवपूर्ण उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं.
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा, ‘पिछले 10–11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी बुनियाद को मजबूत किया है. यह वर्ष हमारे ‘विकसित भारत’ की यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है.’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बनाएंगी रिकॉर्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी. इसके साथ ही सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा विभिन्न समय अवधियों में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी. देसाई ने 1959-1964 के दौरान वित्त मंत्री के रूप में कुल छह बजट और 1967-1969 के बीच चार बजट पेश किए थे. पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए थे. हालांकि, लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम ही रहेगा.
संसद के बजट सत्र में विपक्ष की क्या है तैयारी, किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
संसद के बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने के लिए कई अहम मुद्दों को आगे लाने की तैयारी में है. विपक्ष के पास विषयों की एक लंबी सूची है-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बदलते बयान, मनरेगा की जगह लाए गए जीरामजी कानून, मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान, और विपक्ष-शासित राज्यों में केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप, ये सभी विपक्ष की रणनीति का हिस्सा हैं.
ट्रंप के बयान और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी निशाने पर
विपक्ष चाहता है कि सरकार स्पष्ट करे कि वह वेनेजुएला की स्थिति या फिर ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के दावों जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चुप क्यों है. विपक्ष का आरोप है कि विदेश नीति पर सरकार का रवैया अस्पष्ट है.
मॉनसून सत्र में चर्चा पूरी होने का सरकार का दावा
सरकार ने एसआईआर और जीरामजी पर बहस कराने से इनकार किया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि मॉनसून सत्र में चुनाव सुधारों पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है, जिसमें एसआईआर शामिल था.
ममता बनर्जी करेंगी संसद का घेराव
इसके विपरीत, तृणमूल कांग्रेस जोरदार तरीके से एसआईआर का मुद्दा उठाने की तैयारी में है. ममता बनर्जी दिल्ली पहुंचकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर सकती हैं.
सोशल मीडिया प्रतिबंध और अन्य मुद्दे
टीडीपी भारत में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध जैसा कानून लाने की मांग उठाना चाहती है, जैसा ऑस्ट्रेलिया में लागू है. इसके अलावा भारत के मुक्त व्यापार समझौतों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.
यूजीसी नियमों पर राजनीतिक चुप्पी
यूजीसी के नए नियम भी बड़ा मुद्दा हैं, लेकिन अधिकतर दल इस पर चुप्पी साधे हुए हैं. केवल शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी और कुछ अन्य नेता ही इस पर विरोध जताने वालों का समर्थन कर रहे हैं.
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी तैयारी
विपक्ष स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज माघ मेले में हुए कथित अपमान का मुद्दा भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए उठा सकता है.
29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण किया जाएगा पेश
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा. आर्थिक सर्वेक्षण को इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है. बजट से पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन नॉर्थ ब्लॉक में किया गया. इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हुईं. इस समारोह को बजट दस्तावेजों की गोपनीय प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.
बजट सत्र दो हिस्सों में किया गया है विभाजित
बजट सत्र को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है. पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा. इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरे चरण के नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलने की संभावना है. इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी.
दोनों सदनों को 13 फरवरी को अवकाश के लिए किया जाएगा स्थगित
संसदीय कार्य मंत्री ने सभी को सूचित किया कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ होगा और सरकारी कार्य की आवश्यकताओं के अधीन इस सत्र का समापन दो अप्रैल को हो सकता है. इस अवधि के दौरान दोनों सदनों को 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा. नौ मार्च को पुनः सत्र शुरू होगा. इस सत्र में 65 दिन की अवधि के दौरान कुल 30 बैठकें (पहले भाग में 13 और दूसरे भाग में 17 बैठकें) आयोजित की जाएंगी.
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